गीत – अय प्यासे दिल बेज़ुबां , तुझको ले जाऊँ कहाँ
फ़िल्म – बेगुनाह (1957)
संगीतकार – शंकर जयकिशन
गीतकार – शैलेन्द्र
गायक – मुकेश

किशोर कुमार हालीवुड के अभिनेता, गायक, संगीतकार, डांसर, कामेडियन डैनी काये (Danny Kaye) को अपना आदर्श मानते थे। डैनी काये की तरह किशोर कुमार भी हरफ़नमौला थे- अभिनेता, गायक, संगीतकार, निर्माता, निर्देशक। बांगला फ़िल्म ‘लुकोचुरी‘ जिसमें किशोर कुमार की नायिका माला सिन्हा थीं, में किशोर का गाया उन्हीं पर फ़िल्माया एक गीत था – ‘सींग नेई तोबू नाम सिंगो‘। यह गीत डैनी काये के एक गीत ‘ओ बाई जिंगो‘ की हूबहू काॅपी था। किशोर कुमार ने इस तथ्य को छुपाया नहीं था बल्कि गीत में दीवार पर डैनी काये की फ़्रेम जड़ी तस्वीर को प्रमुखता से दिखा कर पूरा सम्मान दिया गया था। आजकल ‘सींग नेई तोबू नाम सिंगो’ गीत बाॅर्नविटा के टीवी एड पर दिखलाया जा रहा है।

रूप कमल चित्र के बैनर तले निर्माता अनूप चंद शाह और महिपत राय शाह ने निर्देशक नरेन्द्र सूरी के साथ एक फ़िल्म बनाई ‘बेगुनाह‘ (1957)। यह फ़िल्म डैनी काये की फ़िल्म ‘नाॅक आॅन वुड‘ ( Knock on wood ,1954 ) की हूबहू काॅपी थी। केवल उसमें शंकर जयकिशन के बनाये गीत गूँथ दिये गये थे। मूल फ़िल्म के निर्माता, निर्देशक नार्मन पनामा (Norman Panama) और मेल्विन फ़्रैंक (Melvin Frank) ने इस बात को गंभीरता से लिया तथा भारत में ‘बेगुनाह’ के निर्माता पर मुक़दमा दायर कर दिया। इल्ज़ाम सही पाये जाने पर अदालत ने ‘ बेगुनाह’ फ़िल्म के सारे प्रिण्ट्स नष्ट करने का फ़ैसला सुना दिया। इस फ़िल्म के सीमित प्रदर्शन के बाद सारे प्रिण्ट्स नष्ट कर दिये गये। अब इसके गीत तो उपलब्ध हैं पर बिना वीडियो के।

‘बेगुनाह’ में किशोर कुमार, शकीला, हेलन, राधा किशन आदि कलाकारों ने अभिनय किया था। शंकर जयकिशन के बनाये कुछ लोकप्रिय गीत थे – आज ना जाने पागल मनवा काहे को घबराये, हिच हिच हिचकी आये कि तबीयत बिचकी बिचकी जाये (किशोर कुमार), गोरी गोरी गोरी मैं परियों की छोरी (लता मंगेशकर), आजा रात बीती जाये (किशोर कुमार, उषा मंगेशकर) , दिन अलबेले प्यार का मौसम (लता मंगेशकर, मन्ना डे। यहाँ मन्ना डे ने किशोर कुमार के लिये प्ले बैक दिया था)।

फ़िल्म का सबसे मधुर और चर्चित गीत मुकेश की आवाज़ में था – ‘अय प्यासे दिल बेज़ुबां, तुझको ले जाऊँ कहाँ? आग को आग में ढाल के कब तक दिल बहलायेगा’। इस गीत की विशेषता यह थी कि यह संगीतकार जयकिशन पर फ़िल्माया गया था। प्यानो बजाते जयकिशन के सामने नृत्यांगना शीला वाज़ का एक स्टिल फ़ोटोग्राफ़ अवश्य उपलब्ध है। शीला वाज़ के ऊपर कई हिट गीत फ़िल्माये गये हैं। याद कीजिये – रमैय्या वस्ता वैय्या (श्री 420) , लेके पहला पहला प्यार, भर के आँखों में ख़ुमार (सी आई डी), घर आजा घिर आये बदरा संवरिया (छोटे नवाब), छुपने वाले सामने आ, छुप छुप के मेरा जी न जला (तुमसा नहीं देखा) वग़ैरह। आकर्षक व्यक्तित्व के धनी जयकिशन को सुनहरे पर्दे पर गीत गाते देखने का अवसर उनके प्रशंसकों के हाथ आते आते फिसल गया।

साभार:- श्री रवींद्रनाथ श्रीवास्तव जी।

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