गीत – हेलो हेलो क्या हाल है ? बड़ा बुरा ये साल है।

फ़िल्म – सुनहरा संसार (1975)

संगीतकार – नौशाद

गीतकार – आनन्द बख़्शी 

गायक – किशोर कुमार, आशा भोंसले 

आराधना‘ के सुपरहिट होने के बाद राजेश खन्ना के साथ साथ किशोर कुमार के सितारे भी बुलन्द हो गये थे। राजेश खन्ना बन गये थे नम्बर वन नायक और किशोर कुमार बन गये थे नम्बर वन गायक। ‘आराधना’ के प्रदर्शन के दो दशक से भी अधिक पहले से किशोर फ़िल्मी दुनिया में सक्रिय थे। लेकिन इस हरफ़नमौला गायक कलाकार से कुछ संगीतकार प्रभावित नहीं थे।

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संगीतकार सज्जाद हुसैन के मापदण्ड अत्यन्त ऊँचे थे। उनकी नज़रों में बिरले गायक ही खरे उतरते थे। निर्माता, निर्देशक आर सी तलवार जब फ़िल्म ‘रुख़साना‘ (1955) बना रहे थे तब उन्होंने संगीत के लिये सज्जाद हुसैन साहब को साइन किया। जिस वक़्त सज्जाद साहब को पता चला कि फ़िल्म में मीनाकुमारी के साथ नायक किशोर कुमार हैं और उन्हें किशोर से गाने गवाने पड़ेंगे तो उनका सारा उत्साह ठण्डा पड़ गया। उन्हें डर था कि किशोर कुमार अपने मसखरेपन से गंभीर से गंभीर गीत को हास्यास्पद बना देंगे। ‘रुख़साना’ का एक गीत ‘तेरा दर्द दिल में बसा लियालता मंगेशकर की आवाज़ में रिकार्ड होने के बाद लता जी का स्वास्थ्य ख़राब हो गया।

आगे कोई गीत रिकार्ड करवाना उनके लिये संभव न था। अतएव सज्जाद हुसैन की परेशानी दोगुना बढ़ गयी। उन्हें बचे हुये सारे गीत आशा भोंसले, मुबारक बेग़म और किशोर कुमार की आवाज़ों में रिकार्ड करने पड़े। वे इन गायकों के प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं थे। ‘इलस्ट्रेटेड वीकली अॉफ इण्डिया‘ के सह सम्पादक और संगीत समीक्षक राजू भारतन से उन्होंने एक बार कहा था -‘नूरजहां और लता मंगेशकर जैसी गायिकाओं को बनाने के बाद मालिक को और किसी गायिका को बनाने की ज़रूरत ही नहीं थी।

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‘रुख़साना’ में किशोर कुमार और आशा भोंसले के दो युगलगीत थे। ‘ ये चार दिन बहार के, हँसी ख़ुशी गुज़ार के’ जैसे सुमधुर गीत से भी सज्जाद हुसैन सन्तुष्ट नहीं हुये थे। महान संगीतकार नौशाद भी किशोर कुमार की गायन प्रतिभा के क़ायल नहीं थे। दक्षिण के जाने माने निर्देशक ए सुब्बाराव की फ़िल्म ‘सुनहरा संसार‘ (1975, राजेन्द्र कुमार, माला सिन्हा, हेमा मालिनी) एकमात्र ऐसी फ़िल्म थी जिसमें नौशाद साहब के लिये गीतकार आनन्द बख़्शी ने गीत लिखे थे। इस फ़िल्म की दूसरी सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि इसमें नौशाद साहब के संगीत निर्देशन में किशोर कुमार ने अपने कैरियर का इकलौता गीत रिकार्ड कराया था। आशा भोंसले के साथ उनका एक युगलगीत था – ‘हेलो हेलो क्या हाल है, बड़ा बुरा ये साल है’। और इस गीत का दुर्भाग्य देखिये कि इसे फ़िल्म में शामिल नहीं किया गया।

साभार:- श्री रवींद्रनाथ श्रीवास्तव जी।

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